बुधवार, 18 जनवरी 2017

सुबह से लेकर शाम तक

सुबह से लेकर शाम तक
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जब मै सुबह जगा ,
न जाने कैसा लगा ,
न नहाया न धोया ,
कॉलेज में खूब सोया ,
जब कॉलेज से निकला ,
एक लड़की देख पैर मेरा फिसला ,
कुछ दोस्तों के साथ सत्या पर पिया चाय ,
फिर दोस्तों को बोला बाय ,
मै करने लगा बस का इन्तजार ,
उस लड़की से कैसे करता इजहार ,
जैसे ही बस में चढ़ा ,
मै एक बन्दे से जा लड़ा ,
जब मैंने जेब पर हाथ फिराया ,
पता चला किसी ने मेरा फ़ोन है चुराया ,
मै पहुचा रूम पे और खूब खायाऔर खिलाया ,
चोरी की बात प्रभात भईया को बतलाया ,
अब उनके दिल में होने लगी होड़,
वो करने लगे भंडाफोड़ ,
लो हो गया काम तमाम ,
मेरे साथ बोलो जय सियाराम |


लेकिन आपको हँसाने का हुनर रखते है

आपके जख्मो को खरीदने का हुनर रखते है ,
आपके दर्द को मिटाने का हुनर रखते है ,
मेरे आँखों में भले आँसुओ का सागर हो ,
लेकिन आपको हँसाने का हुनर रखते है 

मोहब्बत किये जा रहा हूँ .

उसकी सूरत धडकनों में लिए जिये जा रहा हूँ ,
उसके हर शब्द को अमृत सा पीये जा रहा हू ,
वो चली गयी मुझे छोड़ कर ,

आज भी उसे मोहब्बत किये जा रहा हूँ .

मै तो उसकी परछाई में जीता हू

तू कहती है मै अपनी तन्हाई में जीता हू ,
मै कहता हू मै उसकी परछाई में जीता हू ,
वो तो हमे और ये दुनिया छोड़ कर चली गयी ,
लेकिन अपनी परछाई मेरे पास छोड़ गयी ,
कभी अकेला होता हू तो उस परछाई से बात कर लेता हू ,
अब कभी मत कहना कि मै तन्हाई में जीता हू ,

मै तो उसकी परछाई में जीता हू 

जिन्दगी

जिन्दगी सुनहरा तोहफा है, इसे भगवान की तरफ से कबूल कीजिये.