रविवार, 11 फ़रवरी 2018

आखिर गलत क्या था

जयदीप कुमार
तुम्हारा घर बुलाना गलत था कि मेरा घर आना गलत था
अपने हाथों से खिलना था या तुमसे मोहब्बत करना गलत था
दूर जाते समय गले लगाना गलत था या आखो में आंसू छिपना गलत था
तुम्हारा नारज होना गलत था या मेरा मानना गलत था।
आखिर गलत क्या था ?

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